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रविवार, 25 जुलाई 2021
Muktak : tera mera karte jate
तेरा मेरा करते जाते, तो फिर बोलो घर कैसा
कदर नहीं रिश्तों की हो गर, खो देने का डर कैसा
इक दूजे के दुश्मन बनकर, घर में आग लगाते हैं
छेद किया जाता उसमें ही, जिस थाली में खाते हैं
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नीरज आहुजा
यमुनानगर (हरियाणा)
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