Pages
Home
Terms and conditions
Disclaimers
Privacy Policy
Contact us
छोटी कविता
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
छोटी कविता
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
शुक्रवार, 24 जुलाई 2020
प्यार करो मुझसे - pyar karo mujhse
"प्यार करो मुझसे"
हाँ! चाहा मैंने ये तुम से, तुम भी प्यार करो मुझसे
हार बना बाँहों का अपनी, तुम मनुहार करो मुझसे
गुज़र गये तुम बिन सूखे ही, पहले के सावन कितने
अब की बारी देर करो ना, आ इक़रार करो मुझसे
गुरुवार, 23 जुलाई 2020
परिंदे-हिंदी कविता, parinde-hindi Kavita
"परिंदे"
उड़े परिंदे
गगन गगन
रहे मगन
दाना चुगते
भूख मिटाते
नदी किनारे
प्यास बुझाते
बनाते घोंसला
तिनक तिनका बीन।
"उम्मीद के परिंदे
"
उम्मीद के परिंदे
जब बैठते है
मन की डाल पर
दे जाते है नई राह
नई उमंग, नई तरंग
एक सुकून
आगे बढ़ने के लिए।
बुधवार, 22 जुलाई 2020
बंदे मन मत हार - Bande man mat haar
के
बंदे मन मत हार
आने वाले अवरोधो को
ज्यों काटे नदी की धार।
नदी सहज सरल बहती
नदी सिखाती व्यवहार।
गिरकर फिर से
चलना सीखो
यही जीवन सार।
बंदे मन मत हार!!
_________
नीरज आहुजा
स्वरचित
मंगलवार, 21 जुलाई 2020
पेड़ की छाँव - ped ki chhaanv
"पेड़ की छाँव"
छूट रहा था
बदन से पसीना।
सर पर सूरज और
जेठ महिना ।
चल चल कर
थक गए थे पाँव।
दो घड़ी सुकून के लिए
बैठा पेड़ की छाँव ।
नीरज आहुजा
स्वरचित
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)