मंगलवार, 14 जुलाई 2020

रहे ना चैन से दिन भर - rahe naa chain se din bhar

रहे  ना  चैन  से   दिन  भर, रात  को  सो  नहीं  पाता 

सिवा दिल इश्क़ के बस और कुछ भी  काम ना आता 

नजर भर  देखने  से  ही  किसी  की  हो  चले  घायल

पता चलता नहीं दिल का कि जब तक खो नहीं जाता

बह्र - 1222 1222 1222 1222

नीरज कवितावली



सोमवार, 13 जुलाई 2020

विपदा से ना घबराओ - vipda se na ghabrao

अगर  मगर  की  बातें  छोड़ो, जो करना है कर जाओ

ऐसा  ना  हो  समय गवा दो, और  बाद  में  पछताओ

हार जीत को सोच अभी ना, पहले कर चलना निश्चित

ठोकर  से   ना   डर  कर बैठो, विपदा से  ना घबराओ

Neeraj kavitavali

रविवार, 12 जुलाई 2020

सुख है तो बस इतना है - sukh bas itna hai

दिल की क्या  तस्दीक करें, कैसे जाने  कितना है

दर्द जगह  छोड़े जितनी, सुख है तो बस इतना है

भाव बदल दिल के देखो, दिल तस्वीर बदल देगा

राजी उसमें ही रहना, जिसको मिलता  जितना है

Neeraj Kavitavali

शनिवार, 11 जुलाई 2020

छोड़ हमें जाने वाले - Chhod hme jaane wale

छोड़  हमें  जाने  वाले,  लौट  नहीं  फिर  आते  हैं

घाव नहीं दिल के भरते, जब तक हम सहलाते हैं

कैसे  जाने  मजबूरी, किसकी  क्या  हो सकती है

कौन बताता है दिल की, दिल  में  जो  भी बाते हैं

Neeraj kavitavali

शुक्रवार, 10 जुलाई 2020

मन काग़ज़ की नाव - mann kaagaz ki naav

हिम्मत  की  चोटी  पर  चढ़कर, डरता नहीं  ढलानो  से

मन  काग़ज़  की  नाव  उतारे,  लड़  पड़ता  तूफानों से

भय ना हावी हो जो मन पर, मानो कुछ भी कर सकता 

काट  काट   मैदान   निकाले,  राह   खड़ी  चट्टानो   से


गुरुवार, 9 जुलाई 2020

अभी और जीना है - Abhi aur jeena hai

अभी तो और जीना है अभी हथियार  क्या  डालें

"नहीं  कुछ  फायदा होगा" वहम बेकार  ना पालें

करे मेहनत अगर जी से मिलेगा कर्म का फल भी

नहीं  उम्मीद  को  छोड़ें, कदम पीछे  कभी  ना लें

बह्र - 1222-1222-1222-1222

नीरज कवितावली