गुरुवार, 16 जुलाई 2020

सब सुरक्षित रहें - Sab surakshit rahen



Neerajkavitavali

बह्र- 2122/2122/2122/212

सब  सुरक्षित  ही   रहें,  कोई  नहीं  बेहाल  हो

हो  नहीं   नुकसान  कोई  जान  हो या माल हो

आपदा  बरसात  बन  कर आ गयी जो  सामने

है घड़ी मुश्किल मगर, अरदास कर ना काल हो 

बुधवार, 15 जुलाई 2020

ख़्यालों का संघर्ष समय- khyalon ka sangharsh samay


ख़्याल आए थे, 
मर गए जे़हन मे ही!! 
दोषी कौन? 
पता नही!! 

Neeraj kavitavali


कुछ देर ठहरते
तो जीते कागज़ पर 
अपनी ही कोई उम्र, 
 
मगर संघर्ष नहीं कर पाये।
लगा के जैसे आत्मा मर गई, 
शरीर धारण करने से पहले। 

दाह से वाह के मध्य
ख़्यालों का संघर्ष समय होता है! 

मंगलवार, 14 जुलाई 2020

रहे ना चैन से दिन भर - rahe naa chain se din bhar

रहे  ना  चैन  से   दिन  भर, रात  को  सो  नहीं  पाता 

सिवा दिल इश्क़ के बस और कुछ भी  काम ना आता 

नजर भर  देखने  से  ही  किसी  की  हो  चले  घायल

पता चलता नहीं दिल का कि जब तक खो नहीं जाता

बह्र - 1222 1222 1222 1222

नीरज कवितावली



सोमवार, 13 जुलाई 2020

विपदा से ना घबराओ - vipda se na ghabrao

अगर  मगर  की  बातें  छोड़ो, जो करना है कर जाओ

ऐसा  ना  हो  समय गवा दो, और  बाद  में  पछताओ

हार जीत को सोच अभी ना, पहले कर चलना निश्चित

ठोकर  से   ना   डर  कर बैठो, विपदा से  ना घबराओ

Neeraj kavitavali

रविवार, 12 जुलाई 2020

सुख है तो बस इतना है - sukh bas itna hai

दिल की क्या  तस्दीक करें, कैसे जाने  कितना है

दर्द जगह  छोड़े जितनी, सुख है तो बस इतना है

भाव बदल दिल के देखो, दिल तस्वीर बदल देगा

राजी उसमें ही रहना, जिसको मिलता  जितना है

Neeraj Kavitavali

शनिवार, 11 जुलाई 2020

छोड़ हमें जाने वाले - Chhod hme jaane wale

छोड़  हमें  जाने  वाले,  लौट  नहीं  फिर  आते  हैं

घाव नहीं दिल के भरते, जब तक हम सहलाते हैं

कैसे  जाने  मजबूरी, किसकी  क्या  हो सकती है

कौन बताता है दिल की, दिल  में  जो  भी बाते हैं

Neeraj kavitavali