शनिवार, 11 जुलाई 2020

छोड़ हमें जाने वाले - Chhod hme jaane wale

छोड़  हमें  जाने  वाले,  लौट  नहीं  फिर  आते  हैं

घाव नहीं दिल के भरते, जब तक हम सहलाते हैं

कैसे  जाने  मजबूरी, किसकी  क्या  हो सकती है

कौन बताता है दिल की, दिल  में  जो  भी बाते हैं

Neeraj kavitavali

शुक्रवार, 10 जुलाई 2020

मन काग़ज़ की नाव - mann kaagaz ki naav

हिम्मत  की  चोटी  पर  चढ़कर, डरता नहीं  ढलानो  से

मन  काग़ज़  की  नाव  उतारे,  लड़  पड़ता  तूफानों से

भय ना हावी हो जो मन पर, मानो कुछ भी कर सकता 

काट  काट   मैदान   निकाले,  राह   खड़ी  चट्टानो   से


गुरुवार, 9 जुलाई 2020

अभी और जीना है - Abhi aur jeena hai

अभी तो और जीना है अभी हथियार  क्या  डालें

"नहीं  कुछ  फायदा होगा" वहम बेकार  ना पालें

करे मेहनत अगर जी से मिलेगा कर्म का फल भी

नहीं  उम्मीद  को  छोड़ें, कदम पीछे  कभी  ना लें

बह्र - 1222-1222-1222-1222

नीरज कवितावली

बुधवार, 8 जुलाई 2020

अनुभव से चलता जीवन - anubhav se chalta jeevan

अनुभव  से  चलता  है जीवन, चलता  नहीं निसाबों से

पढ़ा लिखा भी  काम नहीं कूछ,आता  हमें  किताबों से

हर पग नई  चुनौती मिलती, जहाँ जहाँ भी कदम  रखें 

सूझ बूझ से हल मुश्किल हो, तय ना किसी जवाबों से

Neeraj Kavitavali

मंगलवार, 7 जुलाई 2020

विजय वही फिर पाता है - vijay wahi fir pata hai

सुबह  रोज  जो  निकले सूरज, शाम हुई  ढल  जाता है

नित्य अडिग निज पथ पर रहना,चलना हमें सिखाता है

धूप  छाँव   जीवन   में   सबके,  आते  जाते   रहते  हैं

रुका नहीं जो  कर्म  हीन हो, विजय वही  फिर पाता है

नीरज कवितावली




इश्क़ मुहब्बत - ishq muhabbat

दिल देकर फिर मांगा जाए, बात समझ ना आती है
प्यार कहें या कहें तिजारत, जात समझ ना आती है
हँसता है  तो  कोई रोता, इश्क़ मुहब्बत  में पड़ कर
जीत हुई हो  कैसे किसकी, मात समझ ना आती है 

Neeraj kavitavali