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नीरज आहुजायमुनानगर (हरियाणा)
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नीरज आहुजायमुनानगर (हरियाणा)
दर्द हमारे कौन सुनेगा।
कह कह हारे कौन सुनेगा।
टूट गई उम्मीदे सारी।
तिनका तिनका बारी बारी।
बीच भंवर है कश्ती अपनी
दूर किनारे कौन सुनेगा।
मुश्किल है जी पाना अब तो।
देख सभी चुप बैठे रब तो।
बिन तेरे हालत को अपनी
पालन हारे कौन सुनेगा।
कोशिश कर कर हार गये हम।
मन की सारी मार गये हम।
दर दर भटके लेकर दिल की
पत्थर सारे कौन सुनेगा।
धरती है यह आग उगलती।
आस नहीं अब कोई पलती।
आँख उठा फिर देखा नभ को
चाँद सितारे कौन सुनेगा।
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नीरज आहुजा
यमुनानगर (हरियाणा)
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बह्र- 2122-2122-2122-212
थी कदर जिसको नहीं, क्यूँ सौंप उसको दिल दिया।
जान बिन कैसे भरोसा अजनबी पर कर लिया।
ठोकरें खाई, मिली बदनामियाँ हरपल मुझे
सोचता हूँ रात दिन अब, हाय! मैंने क्या किया।
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नीरज आहुजा
यमुनानगर (हरियाणा)
तिरंगे पकड़ मुँह दिखाने अलग हैं।
मगर बम्ब-बारुद बनाने अलग हैं।१
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पदान्त-: अलग हैं
तुकान्त -: दिखाने, बनाने, जलाने, दिवाने, ज़बाने, उठाने, बहाने, मुहाने